ठाणे पुलिस की बड़ी सफलता: ठाणे क्राइम ब्रांच (एंटी एक्सटॉर्शन सेल) ने लंबे समय से फरार और कुख्यात अंडरवर्ल्ड डॉन रवि प्रकाश सुल्या पुजारी (उम्र 57 वर्ष) को एक पुराने संगीन मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 2017 में कासारवडवली पुलिस स्टेशन में दर्ज जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) और गोलीबारी से जुड़े मामले में हुई है, जिसमें महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत धाराएं भी लगाई गई हैं।
पुजारी लंबे समय से भारत से फरार था और विदेश में बैठकर अपना आपराधिक नेटवर्क चला रहा था। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी था। 2019 में सेनेगल (अफ्रीका) में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया था और प्रत्यार्पण के बाद भारत लाया गया। तब से वह बेंगलुरु की परप्पना अग्रहरा केंद्रीय जेल में बंद था।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया: ठाणे क्राइम ब्रांच ने सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर प्रोडक्शन वारंट के जरिए 17 मार्च 2026 की शाम 4:36 बजे उसे बेंगलुरु जेल से हिरासत में लिया और ठाणे लाया। यहां कासारवडवली थाने के मामले में उसे औपचारिक गिरफ्तार किया गया।
अदालत का फैसला: पुजारी को ठाणे की विशेष MCOCA अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे 27 मार्च 2026 तक पुलिस हिरासत (रिमांड) में भेज दिया है ताकि गहन पूछताछ की जा सके।

- IPC की धारा 385 (जबरन वसूली), 387 (धमकी देकर वसूली), 120B (आपराधिक साजिश), 34 (साझा इरादा)
- MCOCA 1999 के तहत संगठित अपराध से जुड़ी गंभीर धाराएं,इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच ठाणे क्राइम ब्रांच के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विनय घोरपड़े के नेतृत्व में चल रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ से पुजारी के सिंडिकेट और अन्य मामलों में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
यह गिरफ्तारी महाराष्ट्र पुलिस की संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि पुजारी पर दर्जनों मामले पहले से लंबित हैं।
रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

