पश्चिम रेलवे के यात्रियों को गुड़ी पड़वा पर मिला बड़ा तोहफा: लोकल ट्रेनों में बढ़ेंगी 4365 सीटें

मुंबई: मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली पश्चिम रेलवे की लोकल ट्रेनों में यात्रियों को मराठी नववर्ष गुड़ी पड़वा (19 मार्च 2026) के अवसर पर विशेष उपहार मिलने जा रहा है। रेलवे ने बढ़ती यात्री संख्या और भीड़भाड़ को कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है।

16 ट्रेनों को 12 से 15 डिब्बों में बदला जाएगा
पश्चिम रेलवे ने 19 मार्च 2026 से 16 मौजूदा 12-डिब्बों वाली उपनगरीय (नॉन-एसी) सेवाओं को 15-डिब्बों वाली में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव से ट्रेनों की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे दैनिक यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और कम भीड़भाड़ वाला सफर मिलेगा।

क्षमता में कितनी बढ़ोतरी?

  • एक 12-डिब्बों वाली नॉन-एसी लोकल में:
  • सीटिंग क्षमता: 1170
  • स्टैंडिंग क्षमता: 4870
  • कुल क्षमता: 6040
  • 15-डिब्बों वाली नॉन-एसी लोकल में:
  • सीटिंग क्षमता: 1461 (291 अतिरिक्त सीटें प्रति ट्रेन)
  • स्टैंडिंग क्षमता: 4870 (यथावत)
  • कुल क्षमता: 6331

16 ट्रेनों में 3-3 अतिरिक्त डिब्बे जुड़ने से कुल सीटिंग क्षमता में 4365 (291 × 15) की बढ़ोतरी होगी। इससे यात्रियों को बैठने के लिए ज्यादा मौके मिलेंगे और पीक आवर्स में भीड़ कम होगी।

कुल 15-डिब्बों वाली सेवाओं की संख्या बढ़कर 227
इस बदलाव के बाद पश्चिम रेलवे पर 15-डिब्बों वाली सेवाओं की कुल संख्या 211 से बढ़कर 227 हो जाएगी। हालांकि, कुल उपनगरीय सेवाओं की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा और यह 1414 ही रहेगी। इनमें से 8 सेवाएं पीक आवर्स में चलेंगी (सुबह 4 और शाम 4)।

यह फैसला यात्रियों की मांग पर आधारित
पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, यह कदम यात्रियों की बढ़ती मांग और सुविधा को ध्यान में रखकर उठाया गया है। इससे चर्चगेट-विरार-दहानू रोड कॉरिडोर पर भीड़ कम होगी। हाल ही में फरवरी 2026 में भी रेलवे ने 4 अतिरिक्त नॉन-एसी सेवाएं शुरू की थीं, जिससे कुल फेरियां 1406 से 1410 हो गई थीं।

गुड़ी पड़वा का महत्व
गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र का पारंपरिक नववर्ष है, जो चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है। “गुड़ी” का अर्थ विजय पताका होता है। इस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं, घरों में पूजा करते हैं और उत्सव मनाते हैं। पश्चिम रेलवे ने इस खास मौके पर मुंबईकरों को बेहतर यात्रा का तोहफा देकर पर्व को और यादगार बनाने की तैयारी की है।हालाँकि मुंबई के लाखों दैनिक यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो रोजाना लोकल ट्रेनों पर निर्भर रहते हैं।

रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

🗳️ अपना वोट डालें
error: Content is protected !!